क्या बदलता है
जुलाई 2020 में स्वीकृत राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने 1986 की नीति का स्थान लिया। यह स्कूली शिक्षा को बच्चों के सीखने के क्रम के अनुसार चरणों में ढालती है।
- 10+2 की जगह 5+3+3+4 ढाँचा, 3 वर्ष की आयु से शुरुआत।
- जहाँ संभव हो, कम से कम कक्षा 5 तक मातृभाषा या स्थानीय भाषा में पढ़ाई।
- कक्षा 6 से इंटर्नशिप सहित व्यावसायिक शिक्षा।
- कॉलेज में प्रमाणपत्र, डिप्लोमा या डिग्री के साथ प्रवेश और निकास की स्वतंत्रता।
उत्तर प्रदेश में
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, चहारदीवारी और स्मार्ट क्लास दिए जा रहे हैं, और निपुण भारत कक्षा 3 तक पढ़ने-गिनने पर ध्यान देता है।
भाजपा का दृष्टिकोण
शिक्षा केवल अंक नहीं, चरित्र और आत्मविश्वास बनाए। जो बच्चा पहले हिंदी या भोजपुरी में सीखता है, वह अधिक समझता है और अपनी भाषा पर गर्व के साथ बड़ा होता है।
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