1.6 गुनाराष्ट्रीय राजमार्ग
अब (मार्च 2025)
1,46,204 किमी
तब (2013-14): 91,287 किमी
नारे नहीं, आँकड़े। नीचे का हर आँकड़ा सरकारी स्रोत से है, जिसका लिंक उसके नीचे दिया है।

सड़क, हवाई अड्डे, स्वास्थ्य और गरीबों के लिए बैंकिंग: दस वर्षों का अंतर।
1.6 गुनाअब (मार्च 2025)
1,46,204 किमी
तब (2013-14): 91,287 किमी
2.2 गुनाअब (मार्च 2025)
160
तब (2014): 74
जल हवाई अड्डे और हेलीपोर्ट सहित।
4.1 गुनाअब (मई 2025)
1,013 किमी
तब (2014): 248 किमी
2 गुना
2.3 गुनाअब (2024)
1,18,137
तब (2014): 51,348
8.7 गुनाअब (2014-25 में)
45,000+ रूट किमी
तब (2004-14 के दस वर्षों में): 5,188 रूट किमी

शुरुआत से (अगस्त 2025)
56.16 करोड़
अगस्त 2014 में शुरू। कुल जमा: ₹2.67 लाख करोड़।

शुरुआत से (1 मार्च 2025)
10.33 करोड़
मई 2016 में बलिया, उत्तर प्रदेश से शुरू।

शुरुआत से (2013-14 से 2022-23)
24.82 करोड़
राज्य की अर्थव्यवस्था दोगुनी से अधिक हुई है, और एक्सप्रेसवे व निवेश ने उत्तर प्रदेश की पहचान बदली है।
2.3 गुनाअब (2024-25)
30.25 लाख करोड़ ₹
तब (2016-17): 13.3 लाख करोड़ ₹
हर वर्ष लगभग 10.8% की वृद्धि।

शुरुआत से (2025-26)
22
7 पर यातायात चालू, 3 निर्माणाधीन। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे सहित।

विश्वनाथ धाम से एक्सप्रेसवे और बनारस के करघों तक: वह कार्य जो हमारे अपने क्षेत्र तक पहुँचा है।
13 दिसंबर 2021मंदिर को गंगा घाटों से जोड़ने वाले धाम का लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्री जी ने किया।
16 नवंबर 2021लखनऊ से ग़ाज़ीपुर तक खुला, पूर्वी उत्तर प्रदेश को राजधानी से कुछ घंटों की दूरी पर ला दिया।
24 जनवरी 2018उत्तर प्रदेश दिवस पर शुरू। वाराणसी का उत्पाद बनारसी रेशमी साड़ी है।
आँकड़े दर्शाई गई तिथि पर स्रोत द्वारा प्रकाशित हैं। जहाँ योजना पहले थी ही नहीं, वहाँ शुरुआत से अब तक की उपलब्धि दिखाई गई है।