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विनोद कुमार उपाध्याय

हमारे आदर्श

अंतिम व्यक्ति की सेवा, राष्ट्र की एकता और सांस्कृतिक गौरव: जिन विचारों पर हम चलते हैं, वे इन्हीं जीवनों से आते हैं।

आज का विचार

दुनिया को अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए और आपके पास सर्वश्रेष्ठ लौटकर आएगा।
स्वामी दयानन्द सरस्वती (आर्य समाज)स्वामी दयानन्द सरस्वती (आर्य समाज)

हमारे आदर्श

भारतीय धर्म के महान प्रणेता

  • भगवान श्री राम
    संत दूसरों को दुःख से बचाने के लिए कष्ट सहते हैं। दुष्ट लोग दूसरों को दुःख में डालने के लिए हैं।
    भगवान श्री राम
  • भगवान महावीर
    अहिंसा ही सबसे बड़ा धर्म है, जो सबके कल्याण की कामना करता है।
    भगवान महावीर (ई.पू. 599–527)
  • भगवान बुद्ध
    हजारों खोखले शब्दों से अच्छा वह एक शब्द है, जो शांति लाए।
    भगवान बुद्ध (ई.पू. 563–483)
  • भगवान श्री कृष्ण
    मैं सभी प्राणियों को समान रूप से देखता हूँ, ना कोई मुझे कम प्रिय है ना अधिक। लेकिन जो मेरी प्रेमपूर्वक आराधना करते हैं, वो मेरे भीतर रहते हैं और मैं उनके जीवन में आता हूँ।
    भगवान श्री कृष्ण
  • गुरु नानक
    परमात्मा एक है और उसके लिए सब एक समान हैं।
    गुरु नानक (1469–1539)
  • गायत्री परिवार
    सफलता का मापदंड विजय-पराजय अथवा धन-दौलत नहीं, बल्कि वे कर्तव्य हैं, जिनका किसी ने आपत्ति तथा हानि की स्थिति में भी निष्ठापूर्वक पालन किया है।
    गायत्री परिवार